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Showing posts from March, 2019

बादाम खाने से शरीर को मिलते हैं ये फायदे

बादाम खाने से शरीर को मिलते हैं ये फायदे बादाम को खाने से शरीर को कई सारे फायदे पहुंचते हैं। बादाम को कोई भी आयु के लोग खा सकते हैं और इनको खाने से किसी भी तरह का नुकसान शरीर को नहीं पहुंचता है।  ये केवल शरीर को सेहतमंद ही बनाते हैं। बादाम का हर रोज सेवन करने की सलाह हर डॉक्टर द्वारा भी दी जाती है। बादाम को खाने से जुड़े फायदे- दिमाग को करे तेज रोज बादाम खाने से दिमाग तेज होता है और याददाश्त अच्छी बनी रहती है। दिमाग के साथ साथ बादाम खाने से हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। जिन लोगों को चीजें याद नहीं रहती हैं वो बादाम जरूर खाया करें। आंखों के लिए फायदेमंद बादाम को खाने से आंखों को भी फायदा पहुंचता है और रोजाना बादाम खाने से आंखों की रोशनी, आंखों से पानी आने की समस्या और आंखों के सूखने की समस्या से राहत मिल जाती हैं। आंखों में दर्द की परेशानी को भी बादाम खाकर दूर किया जा सकती है। वजन कम हो बादाम को खाने से वजन कम होने में भी मदद मिलती है। दरअसल बादाम के अंदर  मोनोसेचुरेटेड फैट्स होता है और ये फैट्स भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसलिए जब आप बादाम खाते हैं त...

जायफल से जुड़े हैं कई सारे औषधीय गुण, जो शायद ही आपको पता होंगे

जायफल से जुड़े हैं कई सारे औषधीय गुण, जो शायद ही आपको पता होंगे महज एक जायफल की मदद से आप कई सारी बीमारियों को ठीक कर सकते हैं। जायफल का इस्तेमाल कई तरह की दवाई को बनाने में किया जाता है। जायफल किसी जादुई औषधि से कम नहीं है। जायफल की मदद से सेहत के अलावा त्वचा से जुड़ी हुई भी कई सारी समस्याओं से निजात पाई जा सकती है। जायफल के सेहत से जुड़े फायदे सिर दर्द करे दूर सिर में दर्द होने पर आप किसी भी तरह ही दवा लेने की जगह जायफल अपने सिर पर लगा लें। जायफल की मदद से आपका सिर दर्द मिनटों में सही हो जाएगा। आप बस जायफल को पानी में घिस लें और फिर इसे अपने सिर पर दर्द वाली जगह पर लगा लें। इसको लगाते ही आपको सिर दर्द से निजात मिल जाएगी। भूख बढ़ाए भूख ना लगने की समस्या से परेशान लोगों जायफल का सेवन करें। जब भी आपको भूख ना लगे आप बस थोड़ा सा जायफल का पाउडर खा लें या फिर इसे चूस लें। इसको खाते ही आपके पाचन तंत्र पर असर पड़ेगा और आपको भूख लगने लग जाएगी। इतना ही नहीं आपका पाचन तंत्र सही से कार्य करने लग जाएगा। आंखों की रोशनी बढ़ें आंखों की रोशनी को जायफल की मदद से बढ़ाया जा सकता है। जिन ...

शिलाजीत

शिलाजीत भारत से लेकर दुनियाभर में आयुर्वेद चिकित्सा पद्दति का विशेष महत्व है। आज हम आपको जिस वस्तु के बारे में बताने जा रहे हैं, उसे आयुर्वेद ग्रंथ में सबसे अहम औषिधि माना गया है। जी हां, यह वस्तु कोई और नही बल्कि शिलाजीत है। शिलाजीत मुख्य रूप से हिमालय की पहाड़ियों से निकलने वाला एक लसलसेदार पदार्थ है जोकि कईं बीमारियों को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। दिखने में  शिलाजीत  काले व भूरे रंग का एक चारकोल होता है लेकिन यह लंबी उम्र के लिए किसी वरदान से कम नही है। बड़े बजुर्ग शिलाजीत को ऊर्जा और शक्ति का स्रोत मानते आए हैं। आज हम आपको  शिलाजीत के फायदे , नुकसान और इसको खाने के तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं। शिलाजीत   के   फायदे शिलाजीत  शारीरिक और मानसिक दोनों की गतिविधियों को अनुकूल रखने में मदद करता है। शिलाजीत के फायदों के चलते आयुर्वेद में इसका विशेष महत्व है। चलिए जानते हैं शिलाजीत हमारे किस किस काम आ सकता है- शरीर   को   दे   भरपूर   ऊर्जा शिलाजीत के नियमित रूप से सेवन करने पर हमें ऊर्जा प्राप्त होती है। इसके स...

प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए

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प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए हमारे भारत में औरत को देवी और जननी का रूप माना जाता है. इसका एकमात्र कारण यह है कि केवल एक औरत ही संतान पैदा करके पीढ़ी को आगे बढ़ा सकती है. माँ बनना हर औरत के लिए एक सुनहरी ख्वाब की तरह होता है. एक तरह से देखा जाए तो बच्चे के जन्म के बाद हर महिला का दूसरा जन्म होता है. प्रेगनेंसी के 9 महीनों के दौरान हर औरत को सतर्कता से रहना पड़ता है. ऐसे में किसी भी गर्भवती महिला के लिए अच्छा खान-पान होना बेहद जरूरी है. यदि आप एक महिला हैं तो गर्भवस्था में आपके मन में सबसे पहला प्रश्न एक ही उठता होगा कि प्रेगनेंसी में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? क्यूंकि कोख में पल रहे बच्चे के अच्छे स्वस्थ्य के लिए अच्छा एवं पोष्टिक आहार बहुत मायने रखता है. ऐसे में गलत खाने के चलते कईं बार माँ और बच्चे दोनों की जान को खतरा बन सकता है.

जीरा के फायदे

जीरा के फायदे हमारे भारत में भोजन और व्यंजनों का स्वाद बढाने के लिए कईं प्रकार के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है जोकि भोजन का स्वाद दुगुना करते हैं साथ ही उसकी सुगंध भी बढ़ा देते हैं. ऐसे में जीरा भी रसोई घर का एक ऐसा ही मसाला है जिसे लगभग हर घर में इस्तेमाल किया जाता है. इस लेख में हम आपको जीरा के फायदे और लाभ बताने जा रहे हैं. जीरे में कईं प्रकार के एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी- इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जिसके कारण आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल एक औषधि के रूप में किया जाता है. जीरा एकमात्र ऐसा मसला है, जिसका इस्तेमाल लगभग हर व्यंजन बनाने में किया जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार जीरे में कईं तरह के प्रोटीन, लौह, फाइबर, विटामिन पाए जाते हैं जो हमारे लिए स्वस्थ्य्वार्ध्क साबित होते हैं. जीरा के फायदे (Benefits of Cumin Seeds) जीरा शरीर में वसा के अवशोषण को कम करता है जिससे वजन नियंत्रित रहता है. जीरा के फायदे यूँ तो अनेकों हैं, लेकिन इनमे से कुछ फायदे निम्नलिखित हैं- पेट दर्द यदि आपको असहनीय पेट दर्द है तो आप जीरा के फायदे का लाभ उठा सकते हैं. इसके लिए आप जीरा और चीनी एक सम...

पपीता खाने का सही समय

पपीता खाने का सही समय पपीता खाने का सही समय:  पपीता एक फल है जो खाने में मीठा एवं स्वादिष्ट होता है. पपीते के पेड़ पर तीन से चार साल तक ही अच्छे फल लगते हैं. वैज्ञानिक भाषा में पपीते को “केरिका पपाया (Carica papaya)” कहा जाता है.  इसमें पपाइन नामक एंजाइम होता है जो एंजायम प्रोटीन को पचाने में मददगार है. पपीते के फल के ढेरों फायदे हैं. यह खाने में जितना लज़ीज़ होता है, उतना ही अधिक गुणकारी भी होता है. पपीते में विटामी ए, पोटाशियम, फाइबर आदि तत्व भारी मात्रा में पाए जाते हैं जो हमे उर्जा प्रदान करते हैं और कईं रोगों से निजात दिलवाते हैं. इस लेख में हम आपको  पपीता खाने का सही समय  और इसके लाभ बताने जा रहे हैं. पपीता खाने का सही समय किसी भी फल में पाए जाने वाले पौष्टिक गुण हमारे लिए तभी उपयोगी है, यदि उन्हें समय पर खाया जाए. दरअसल, हर चीज़ को खाने का एक सही समय होता है. निचित चीज़ पर खाया गया फल अधिक फायदेमंद साबित होता है. क्यूंकि कईं बार हम गलत समय पर गलत फल का सेवन कर लेते हैं, जो हमारे शरीर को आगे चल कर हानि पहुंचाता है. बहुत से फल ऐसे हैं, जिन्हें शाम क...

मुलेठी

मुलेठी खाने से शरीर को पहुंचतें हैं ये फायदे मुलेठी के अंदर एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक जैेसे कई गुण पाए जाते हैं। इसका इस्तेमाल कई तरह के रोगों को सही करने के लिए किया जाता है। सर्दी के समय मुलेठी को नियमित रूप से खाने से जुकाम या वायरल से होने वाली बीमारी शरीर को नहीं लग पाती हैं। इसके अलावा ये कई बीमारियों को ठीक करने में भी काफी सहायक होती है और  मुलेठी  का इस्तेमाल कई सारी दवाइयों को बनाने में भी किया जाता है। मुलेठी का सेवन करने से जुड़े फायदे पाचन को करे सही कब्ज और कमजोर पाचन शक्ति से परेशान लोग एक कप गरम पानी में मुलेठी को डाल लें और इस पानी को 10 से 15 मिनट के लिए रख दें। फिर इस पानी को कपड़े से छान लें और इसको पी लें। आप हफ्ते में कम से कम दो बार इस पानी का सेवन करते रहें। मुलेठी का पानी पीने से आपका पेट एकदम सही हो जाएगा और पेट के कई रोगों से आपको राहत मिल जाएगी। आंखों के लिए फायदेमंद आंखों की रोशनी को सही रखने में मुलेठी काफी मददगार साबित होती है। जिन लोगों की भी आंखों की रोशनी कम है वो लोग मुलेठी का सेवन करें। आप मुलेठी के पाउडर को सौंफ के...

सोयाबीन के फायदे

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सोयाबीन के फायदे सोयाबीन मूल रूप से एशियाई है लेकिन इसकी खेती आम तौर पर अमेरिका और दक्षिण अमेरिका में की जाती है. सोयाबीन के फायदे में से एक विटामिन ए पाए जाती हैं

माँ दुर्गा की महिमा

माँ दुर्गा की महिमा माँ दुर्गा कवच में फलश्रुति का मतलब ऐसे श्लोकों से है, जिनके जाप करने से मनुष्य को शुभ फल की प्राप्ति होती है. इन सभी श्लोकों में भगवान ब्रह्मा देवी पार्वती की उनके अलग-अलग नौ रूपों की प्रशंसा करते हैं और साथ ही हर देवी को कवच पढ़ कर देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त करने का अनोरोध करते हैं. ब्रह्मा जी के कहे अनुसार जो भी इन श्लोकों का नियमित रूप से जाप करता है, उसे स्वयं दुर्गा माँ का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है. माँ दुर्गा की महिमा के गुणगान सदियों से किए जाते रहे हैं. हिंदू धर्म की कथाओं के अनुसार दुर्गा माँ सबसे शक्तिशाली देवी हैं जोकि अपने 9 रूपों में आकर संसार को एक नई दिशा दे गई. माँ दुर्गा ने महिषासुर जैसे दानव का अंत करके बुराई पर अच्छाई की जीत हासिल की थी. तब से लेकर आज तक हर कोई माँ दुर्गा की महिमा पर विश्वास करता आया है. कैसी दिखती है दुर्गा माँ? माँ दुर्गा की महिमा और उनके क्रोध से तो आज हर कोई वाकिफ ही है. माँ दुर्गा ने दुष्ट दांव महिषासुर का अंत किया था और उसके अहंकार का नाश किया था. इसलिए दुर्गा माँ को बुराई पर अच्छाई की जीत दिलवाने वाली माता कहा...

मेथी दाना के फायदे

मेथी दाना के फायदे आयुर्वेद ग्रंथ में मेथी दाना को पित्त, कफ़ और वात नाशक कहा गया है. मेथी दाना के फायदे बेहद प्रभावी हैं. मेथी दाना हमे रोगों से लगने की ताकत प्रदान करता है. गौरतलब है कि मेथी दाना का उपयोग और उत्पादन आम तौर पर भारत में ही होता है. भारत के राजस्थान में इसकी पैदावार 80% की जाती है. पुरुषों के लिए मेथी दाना भगवान का एक वरदान है जो उनकी शारीरक उर्जा को बढ़ावा देता है और उनका स्पर्म काउंट बढाता है. मेथी दाना के फायदे निम्नलिखित है. कोलेस्ट्रोल करे कम मेथी दाना में कईं प्रकार के पौषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में कोलेस्ट्रोल के लेवल को नियंत्रित रखते हैं. वहीँ LDL और HDL जैसी समस्याओं के लिए मेथी दाना के फायदे रामबाण माने गए हैं. इसमें मौजूद गेलेक्टोमेनन रक्त में कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं और हमे लीवर सम्बंधित होने वाले खतरों से बचाते हैं. त्वचा में झुर्रियों से बचाव आज के समय में सौन्दर्य हासिल करने के लिए हर लड़का और लड़की तरह तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं जिनके केमिकल्स उनकी त्वचा के सेल्स को नष्ट कर देते हैं. लेकिन यदि आप रेडिकल फ्री त्वचा हासिल ...

गायत्री मंत्र

जानिए गायत्री मंत्र का मतलब और इस मंत्र के जाप को करने से मिलने वाले फल रोज तीन बार करें गायत्री मंत्र का जाप हो जाएंगे सभी दूख दूर गायत्री मंत्र को सबसे ताकतवर मंत्र माना जाता है और महज इस मंत्र का जाप करने से एक साथ 24 देवी-देवताओं को याद कर लिया जाता है। हमारे वेदों में इस मंत्र का उल्लेख किया गया है और इस मंत्र को काफी शक्तिशाल मंत्र माना गया है। रोज इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भगवान का आर्शीवाद बना रहता है।  गायत्री मंत्र  मां गायत्री से जुड़ा हुआ है और गायत्री मां को वेदमाता और देवमाता के नाम से भी जाना जाता है। गायत्री मंत्र ऊँ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्। गायत्री मंत्र का मतलब कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से आपको आयु, धन, बुद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। ये मंत्र काफी सरल है और इस  गायत्री मंत्र  के हर अक्षर का मतलब इस प्रकार है। ऊँ का मतलब ईश्वर, भू का मतलब प्राणस्वरूप, भुव: का मतलब दु:खनाशक, स्व: का मतलब सुख स्वरूप, तत् का मतलब उस , सवितु: का अर्थ तेजस्वी, वरेण्...

पुत्र प्राप्ति के टोटके

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पुत्र प्राप्ति के टोटके पुत्र प्राप्ति के लिए हमें क्या करना चाहिए? यह सवाल लगभग हर किसी के मन में होता है. इस में हम आपको पुत्र प्राप्ति के तरीके बताएंगे.

जानें काली मिर्च के औषधीय गुण, जो दूर करे कई बीमारियां

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काली मिर्च का इस्तेमाल मसाले के तौर पर किया जाता है और कई तरह की सब्जियों में इसे डाला जाता है। काली मिर्च का प्रयोग औषधि या दवा बनाने के दौरान भी खूब होता है। अन्य मिर्च यानी हरी और लाल मिर्च के मुकाबले इसको ज्यादा गुणकारी माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस मिर्च की मदद से कई तरह की बीमारियों की ठीक किया जा सकता है और ये मिर्च बैक्टीरिया और वायरस को एकदम खत्म करते हैं। आइये जानते है काली मिर्च के औषधीय गुण - काली मिर्च के औषधीय गुण ज़ुकाम में लाभदायक  अगर आपको जुकाम की शिकायत रहती है तो आप बस रोज काली मिर्च के दो दानों को अच्छे से पीस कर चाय के पानी में डाल दें और फिर इस चाय का सेवन कर लें। काली मिर्च की चाय पीने से आपका जुकाम एकदम सही हो जाए। अगर आप रोज काली मिर्च को चाय में डालकर पीते हैं तो आपको किसी भी तरह का बैक्टीरिया और वायरस छु भी नहीं पाएगा। वहीं अगर आपको चाय पीना पसंद नहीं है तो दूध के अंदर भी इसे डाल सकते हैं। काली मिर्च के फायदे खांसी को करे दूर काली मिर्च के औषधीय गुण खांसी को दूर करने के काम आते हैं. खांसी की समस्या से परेशान लोग काली मिर्च को पीस लें औ...

लीवर मजबूत करने के उपाय

लीवर मजबूत करने के उपाय लिवर को अधिकतर लोग जिगर के नाम से जानते हैं. शरीर को स्वस्थ एवं दरुस्त रखने के लिए लीवर का ठीक और मजबूत रहना बेहद आवश्यक है. लीवर खराब होने के कारण कैंसर, हेपेटाइटिस, फैटी लीवर, सिरोसिस आदि जैसे घातक रोग मनुष्य को घेर लेते हैं. इन रोगों के खतरे को कम करने के लिए बाज़ार में तरह तरह की दवाइयां मौजूद हैं, इन्हें ज्यादातर लोग अफ्फोर्ड नहीं कर सकते. इसलिए आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको लीवर मजबूत करने के उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपना कर आप अपने लीवर को फिटएंडफाइन रख सकते हैं. लीवर हमारे शरीर में मौजूद टॉक्सिक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. अच्छी सेहत के लिए लीवर का दरुस्त रहना बेहद आवश्यक है. सिलिये आज हम आपको लीवर मजबूत करने के उपाय बताने जा रहे हैं. फल और पत्तेदार सब्जियों का करें सेवन फल और हरी पत्तेदार सब्जियों में भारी मात्रा में फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो हमारे लीवर को दरुस्त रखने का कार्य करते हैं. इन आहारों को नियमित रूप से लेने से कैंसर जैसे घातक रोगों से बचा जा सकता है. इसके लिए सेब, गाजर, टमाटर, तरबूज, पपीता, ध...

मांगलिक दोष के लक्षण

मांगलिक दोष के लक्षण ज्योतिष शास्त्रो के अनुसार कई बार ऐसा भी देखा गया है की की लोग मांगलिक भी होते हैं लेकिन सवाल ये है की आप कैसे जानेंगे की आप मांगलिक हैं कि नहीं। आज हम आपको इसके बारे में आपको बताने वाले हैं क्योंकि इंसान के कुछ लक्षणो से पता लगाया जा सकता हैं कि आपमें  मांगलिक दोष के लक्षण  हैं कि नहीं। बता दें की लाल किताब में दो तरह के मंगल के बारे में वर्णन किया गया हैं, पहला मंगल बद और दूसरा मंगल नेक होता हैं। बताया जाता है की मंगल बद का देवता जिन्न और नेक के देवता हनुमान जी हैं। इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि इस लाल किताब में मंगल बद वाले व्यक्तियों के बारे में विस्तार से बताया गया हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी ब्व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों की छाल का ख़ासा प्रभाव पड़ता है. ऐसे में मंगल ग्रह एक ऐसा ग्रह है जिसको व्यक्ति की कुंडली में पाया जाना अशुभ कहलाता है. जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह बिराजमान हो उन्हें मांगलिक दोष से पीड़ित कहा जाता है. मांगलिक दोष से पीड़ित लड़के और लड़की की शादी में बाधा आती है. किसी भी व्यक्ति की कुंडली के पहले, दुसरे, चौथे,...

यूरिक एसिड के लक्षण

यूरिक एसिड के लक्षण आज के मॉडर्न समय में मनुष्य का खानपान और रहन-सहन काफी बदल चुका है. इस बदलते ट्रेंड के कारण बीमारियाँ मनुष्य को आए दिन घेरती ही रहती हैं. इन्ही में से यूरिक एसिड की समस्या एक ऐसी समस्या है जोकि आए दिन किसी न किसी को अपना शिकार बना रही है. ऐसे में यदि समय रहते इस बीमारी को काबू में ना किया जाए तो आगे चल कर यह हमारे लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है. तो अज के इस ख़ास लेख में हम आपको यूरिक एसिड के लक्षण , परहेज़ और  यूरिक एसिड  बढ़ने के कारण बताने जा रहे हैं, जिनका जानना आपके लिए अति आवश्यक है. यूरिक एसिड क्या होता है यूरिक एसिड  एक कार्बनिक योगिक है जोकि मुख्य रूप से कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन और नाइट्रोजन से मिला कर बनता है. यह मनुष्य शरीर को प्रोटीन से एमिनो एसिड के रूप में प्राप्त होता है. जब किसी कारण हमारी किडनी की फिल्टर क्षमता कम हो जाती है तो यूरिया एसिड यूरिक एसिड में बदल जाता है. ऐसे में यह रक्त और हड्डियों में शामिल हो जाता है. अगर शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है तो हमारी किडनी उसे पूरी तरह से छान नही पाती और इसका लेवल बढ़ जाता है. ...

नित्य पूजा विधि

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नित्य पूजा विधि  नित्य पूजा विधि : नित्य पूजा के कुछ जरुरी नियम होते हैं. नित्य पूजा करने से मन में एकाग्रता बनी रहती है और इच्छा शक्ति में वृद्धि होती है.