गायत्री मंत्र

जानिए गायत्री मंत्र का मतलब और इस मंत्र के जाप को करने से मिलने वाले फल रोज तीन बार करें गायत्री मंत्र का जाप हो जाएंगे सभी दूख दूर


गायत्री मंत्र को सबसे ताकतवर मंत्र माना जाता है और महज इस मंत्र का जाप करने से एक साथ 24 देवी-देवताओं को याद कर लिया जाता है। हमारे वेदों में इस मंत्र का उल्लेख किया गया है और इस मंत्र को काफी शक्तिशाल मंत्र माना गया है। रोज इस मंत्र का जाप करने से मन को शांति मिलती है और भगवान का आर्शीवाद बना रहता है। गायत्री मंत्र मां गायत्री से जुड़ा हुआ है और गायत्री मां को वेदमाता और देवमाता के नाम से भी जाना जाता है।

गायत्री मंत्र

ऊँ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।

गायत्री मंत्र का मतलब

कहा जाता है कि इस मंत्र का जाप करने से आपको आयु, धन, बुद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। ये मंत्र काफी सरल है और इस गायत्री मंत्र के हर अक्षर का मतलब इस प्रकार है। ऊँ का मतलब ईश्वर, भू का मतलब प्राणस्वरूप, भुव: का मतलब दु:खनाशक, स्व: का मतलब सुख स्वरूप, तत् का मतलब उस , सवितु: का अर्थ तेजस्वी, वरेण्यं का अर्थ श्रेष्ठ, भर्ग का मतलब पापनाशक, देवस्य शब्द का मतलब दिव्य, धीमहि का मतलब धारण करे, धियो का मतलब बुद्धि, यो का अर्थ जो,

न: का मतलब हमारी और प्रचोदयात् का मतलब प्रेरित करे.

इन सभी शब्दों को जोड़ा जाए तो इस मंत्र का अर्थ – उस प्राणस्वरूप, दु:ख नाशक, सुख स्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देव स्वरूप परमात्मा को हम अन्तरात्मा में धारण करें। वह ईश्वर हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें हैं।

गायत्री मंत्र का जाप करने से मिलता है ये लाभ

सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति हो

जीवन में सकारात्मक ऊर्जा होना काफी जरूरी होती है और ये ऊर्जा जिन लोगों के भी जीवन में होती हैं उनको केवल सफलता ही हाथ लगती है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और नकरात्मक ऊर्जा आप से दूर रहती है।

मन शांत होता है

इस मंत्र का मात्र जाप करने से ही दिमाग को शांति मिल जाती है। आप जब भी किसी तरह के तनाव में हों बस अपनी आंखों को बंद कर लें और इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप करते ही आपका दिमाग शांत हो जाएगा।

संतान की प्राप्ति होती है

जिन भी दंपत्ति को बच्चा नहीं हैं वो इस मंत्र का जाप रोज करें। इस मंत्र गायत्री का जाप करने से भगवान की कृपा आप पर बन जाएगी और आपके जीवन में संतान आ जाएगी। हालांकि अगर आप इस मंत्र का जाप सफेद रंग के कपड़े पहनकर करें तो और आपको जल्दी लाभ मिल जाएगा।

रोग को करें खत्म

किसी भी तरह के रोग से पीड़ित लोग शुभ दिन इस मंत्र का जाप करें। इस मंत्र का जाप करने से पहले एक कांसे के लोटे में पानी भर कर लें और आप लाल आसन में बैठकर इस पाने के लोटे को अपने पास रख ले और फिर इस मंत्र का जाप करना शुरू कर दें। इस मंंत्र का जाप खत्म करने के बाद आप लोटे में रखे पानी को पी लें। आपको अपने रोग से मुक्ति मल जाएगी।

गायत्री मंत्र का जाप किस समय करें

शास्त्रों के अनुसार इस गायत्री मंत्र का जाप दिन में तीन बारी करना चाहिए। सुबह के समय इस मंत्र का जाप सूर्योदय होने से थोड़ी देर पहले ही शुरू कर देना चाहिए, दूसरी बार इस मंत्र का जाप दोपहर के समय करें और तीसरी बार शाम को सूर्यास्त होने से कुछ देर पहले इसका जाप करें । इस मंत्र का जाप ऊंची आवाज में ना करें और मौन या मन के अंदर ही करें।

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