साहीवाल गाय
भारत में गाय को माता का दर्जा दिया जाता हैं. साहीवाल गाय का उद्गम पाकिस्तान माना जाता हैं. कहा जाता हैं कि इस नसल कि गाय पाकिस्तान में सबसे पहले पाई गई थे. आज के समय में यह भारत में भी पाए जाती हैं. और यह तक कहा जाता हैं कि गाय कि सबसे अच्छी नस्लों में से एक हैं. और इनमे बहुत अधिक दूध पाया जाता हैं. और दूध भी बहुत गुणकारी पाया जाता हैं. साहिवाल गाय की पहचान साहीवाल गाय कि पहचान करना बहुत ही आसान होता है, कोई भी ऐसे देखकर पहचान लेता हैं. साहीवालगाय का गहरा शरीर, ढीली चमड़ी, छोटा सिर व छोटे सींग इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं इसका शरीर साधारणत: लंबा और मांसल होता है. इनकी टांगें छोटी होती हैं, स्वभाव कुछ आलसी और इसकी खाल चिकनी होती है. पूंछ पतली और छोटी होती है. यह गाय लाल और गहरे भूरा रंग की होती है कभी-कभी इसके शरीर पर सफेद चमकदार धब्बे भी होते हैं. ढीली चमड़ी होने के कारण इसे लोग लोला भी कहते हैं. साहीवाल गाय की दूध देने की क्षमता साहीवालगाय की दूध देने की 10 से 16 लिटिर तक की होती हैं. इनके दूध में वासा प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं. वदेशी गाय की तुलना में यह क...