मांगलिक दोष के लक्षण
मांगलिक दोष के लक्षण
ज्योतिष शास्त्रो के अनुसार कई बार ऐसा भी देखा गया है की की लोग मांगलिक भी होते हैं लेकिन सवाल ये है की आप कैसे जानेंगे की आप मांगलिक हैं कि नहीं। आज हम आपको इसके बारे में आपको बताने वाले हैं क्योंकि इंसान के कुछ लक्षणो से पता लगाया जा सकता हैं कि आपमें मांगलिक दोष के लक्षण हैं कि नहीं। बता दें की लाल किताब में दो तरह के मंगल के बारे में वर्णन किया गया हैं, पहला मंगल बद और दूसरा मंगल नेक होता हैं। बताया जाता है की मंगल बद का देवता जिन्न और नेक के देवता हनुमान जी हैं। इसके अलावा आपको यह भी बता दें कि इस लाल किताब में मंगल बद वाले व्यक्तियों के बारे में विस्तार से बताया गया हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी ब्व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों की छाल का ख़ासा प्रभाव पड़ता है. ऐसे में मंगल ग्रह एक ऐसा ग्रह है जिसको व्यक्ति की कुंडली में पाया जाना अशुभ कहलाता है. जिन लोगों की कुंडली में मंगल ग्रह बिराजमान हो उन्हें मांगलिक दोष से पीड़ित कहा जाता है. मांगलिक दोष से पीड़ित लड़के और लड़की की शादी में बाधा आती है. किसी भी व्यक्ति की कुंडली के पहले, दुसरे, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवे भाव में मंगल ग्रह का होना व्यक्ति के मांगलिक दोष को दर्शाता है. इस लेख में हम आपको मांगलिक दोष के लक्षण बताने जा रहे हैं. इन लक्षणों से आप जांच सकते हैं कि कहीं आप मांगलिक तो नहीं.
हिंदू धर्म में ज्योतिष शास्त्र का विशेष स्थान है. ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि के अनुसार किसी भी व्यक्ति पर मंगल ग्रह का दोष अन्य दोषों के मुकाबले सबसे अधिक खतरनाक होता है. आम तौर पर शादी हमें देरी होने पर कुंडली की जांच की दौरान इस दोष की जानकारी ली जाती है. बता दें कि मंगल दोष, ग्रह की उग्र दृष्टि के कारण होता है. जब किसी जातक की कुंडली के पहले, दुसरे, चौथे, सातवे, आठवें या 12वें भाव में मंगल ग्रह की स्तिथि पाई जाती है तो व्यक्ति को मंगल दोष से पीड़ित माना जाता है. इसे आम भाषा में हम लोग मांगलिक दोष के नाम से भी जानते हैं. यदि आपके घर में कसी और तरह के अशुभ ग्रह हैं तो मंगल का साया आपके लिए और बह हानिकारक साबित हो सकता है.ऐसे में आपका मांगलिक दोष के लक्षण जानना अति आवश्यक है.
मांगलिक दोष के लक्ष्ण
- यदि आपको शारीर में खून की कमी यानि एनीमिया महसूस हो रहा है तो एक बार किसी ज्ञानी पंडित से अपनी कुंडली की जांच जरुर करवा लें क्यूंकि शरीर में खून की कमी भी एक तरह से मांगलिक दोषको दर्शाती है.
- मंगल ग्रह से पीड़ित जातकों के जोड़ों में दर्द रहती है और जोड़ ठीक से काम करना बंद कर देते हैं.
- मंगल के साथ केतु हो तो अशुभ माना जाता है इसके इलावा मंगल के साथ बुध हो तो इसका प्रभाव बहुत गलत होता है.
- मंगल बद वाले व्यक्ति किसी का बुरा करने के बारे में नहीं सोचते हैं लेकिन यदि ये किसी का बुरा करने पर उतर आए तो फिर उसे छोड़ते नहीं हैं। ये खुद को ज्ञानी, ध्यानी और शक्तिशाली समझते हैं और इसलिए ये ज्यादा किसी से घुल-मिल नहीं पाते हैं।
- ये लोग अपने व्यवहार और सिद्धांत की वजह से ज्यादा सफल नहीं हो पाते हैं। लेकिन यदि ये अपने व्यवहार में परिवर्तन लाये तो ये सफल हो सकते हैं, इन्हें अपने आंखों में सफेद या काला सुरमा लगाते रहना चाहिए और जीवन भर हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए.
मांगलिक दोष के लक्षण क्या हैं?
मांगलिक दोष के लक्षण पहचान कर हम यह तय कर सकते हैं कि व्यक्ति मांगलिक है. ऐसे में यादी मांगलिक व्यक्ति की शादी किसी अन्य ग्रह के साथ की जाए तो जातकों को जान जाने का खतरा भी हो सकता है. तो चलिए जानते हैं भावों के अनुसार मांगलिक दोष के लक्षण-
- बता दें की मंगल नेक सेनापति का स्वभाव रखता है और आपको बता दें की ऐसा व्यक्ति हर परिस्थिति में न्यायप्रिय और ईमानदार होता है।
- ऐसे व्यक्ति साहसी, शस्त्रधारी व सैन्य अधिकारी बनते है या किसी कंपनी में लीडर या फिर श्रेष्ठ नेता।
- मंगल अच्छाई पर चलने वाला ग्रह है लेकिन यदि मंगल को बुराई की ओर जाने की प्रेरणा मिले तो यह इससे पीछे नहीं हटता हैं और यही उसके अशुभ होने का कारण है।
मांगलिक दोष के उपाय
- घर से बाहर गुड खाकर ही निकले।
- अपने पिता और गुरु का हमेशा सम्मान करें।
- अपने भाई और मित्रों से हमेशा मधुर संबंध रखना चाहिए।
- क्रोध से दूरी बनाकर रखे।
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