अकाल मृत्यु का डर सताने पर करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप

महामृत्युंजय मंत्र का जाप

शिव भगवान का पूजन करने से जीवन का हर कार्य सफल हो जाता है। शिव भगवान की आराधना करने से अकाल मृत्यु और गंभीर रोगों से भी मुक्ति मिल जाती है। महामृत्युंजय मंत्र जो कि शिव भगवान से जुड़ा हुआ है, इसे पढ़ने से इंसान की हर मनोकामना पूरी हो जाती है। महामृत्युंजय मंत्र बेहद ही शक्तिशाली मंत्र होता है और इस मंत्र का मात्र जाप करने से शिव भगवान आपके सारे दुखों को दूर कर देते हैं।


हमारे शास्त्रों में महामृत्युंजय मंत्र का उल्लेख करते हुए लिखा गया है कि ये मंत्र बेहद ही कारगर साबित होता है और इस मंत्र का जाप करने से मौत पर भी विजय पाई जा सकती है। हर समस्या में महामृत्युंजय मंत्र का जाप अलग-अलग संख्या में करना होता है और इस मंत्र का जाप हमेशा सोमवार के दिन ही शुरू करना चाहिए। किस समस्या के दौरान इस मंत्र को कितनी बारी पढ़ना चाहिए, इसकी जानकारी इस तरह है-संतान प्राप्ति के लिए इस मंत्र को आप सवा लाख बार पढ़ें। जबकि अकाल मृत्यु से बचने के लिए और जीवन में तरक्की पाने के लिए भी आप इस मंत्र का जाप सवा लाख बार करें। अगर आपको बुरे सपने आते हैं या आपको किसी चीज का भय है तो आप इस मंत्र का जाप 1100 बार करें। ये मंत्र 1100 बार पढ़ने से आपको बुरे सपने आना बंद हो जाएगे और आपको भय से भी मुक्ति मिल जाएगी। किसी प्रकार का रोग लगने पर आप इस मंत्र का जाप 11000 बार करें। अगर इस मंत्र का जाप सच्चे मन से 11000 बार किया जाता है तो आपको हर भय से मुक्ति मिल जाती है।

ये है महामृत्युंजय मंत्र

ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्‍बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्‍धनान् मृत्‍योर्मुक्षीय मामृतात्ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ !!

मृत्युंजय मंत्र

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप अगर सावन के महीने के दौरान किया जाए तो ये ज्यादा फलदायक होता है।
  • इस मंत्र का जाप आप शिवलिंग के पास बैठकर शुरू करें। ये जाप शुरू करने से पहले आप शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें। फिर एक दीपक जलाकर इस मंत्र का जाप करें।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप शुरू करने से पहले आप इस बात का संकल्प लें की आप ये जाप क्यों कर रहे हैं और कितनी बार ये मंत्र पढ़ने जा रहे हैं।
  • ये जाप कई दिनों तक चलता है। इसलिए आप पहले ये तय कर लें की आप एक दिन में कितने बार महामृत्युंजय मंत्र पढ़े वाले हैं और रोज उतनी बार ही ये मंत्र पढ़ें।
  • महामृत्युंजय मंत्र का जाप आप केवल रुद्राक्ष की माला पर ही किया करें।
  • इस मंत्र का उच्चारण एकदम सही करें। क्योंकि ये मंत्र सही से नहीं पढ़ने पर आपको इस जाप का कोई भी लाभ नहीं मिलता है।
  • इस मंत्र का जाप 21 या फिर 41 दिनों के अंदर ही पूरा कर लेने चाहिए और ये मंत्र सुबह के समय पढ़ना चाहिए।
महामृत्युंजय मंत्र पढ़ते समय रखें इन बातों का ध्यान

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