ब्राह्मी का उपयोग
ब्राह्मी का उपयोग
वैसे तो दुनिया में पेड़ पौधों की कोई कमी नहीं है. लेकिन कुछ पौधे ऐसे भी होते हैं, जो अपने गुणों और लाभों के लिए विशेष रूपों से जाने जाते हैं. इन्ही में से ब्राह्मी का पौधा भी एक ऐसा ही पौधा है जो सदियों से आयुर्वेद में एक औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. मुख्य रूप से ब्राह्मी का पौधा हिमालय की तराई में हरिद्वार से लेकर बद्रीनारायण के रास्ते में पाया जाता है. यह पौधा बेहद उत्तम किस्म की पौधों की प्रजाति में गिना जाता है जिसकी गाँठ, जड़ और पत्तियां ही नहीं बल्कि फल और फूल भी उपयोगी हैं. आज के इस ख़ास लेख में हम आपको ब्राह्मी का उपयोग, फायदे एवं लाभ बताने जा रहे हैं.
ब्राह्मी की पहचान
ब्राह्मी के फायदे जानने से पहले आपको इस पौधे की पहचान होना बेहद आवश्यक है. दरअसल, दुनिअभर में लाखों और करोड़ों किस्मों के पौधे हैं जो लगभग एक समान नजर आते हैं. ऐसे में यदि ब्राह्मी का उपयोग तभी किया जा सकता है, यदि उसकी पहचान की जा सके. बता दें कि यह पौधा हरे और सफेद रंग का होता है. आम तौर पर यह गंगा नदी के आस पास पाया जाता है. ब्राह्मी का पौदा छत्ते के रूप में ज़मीन पर फैला होता है. इसकी एक और प्रजाति है जिसका नाम मंदक प्रणी है. बेल के रूप में यह प्रजाति पृथ्वी पर फैलती है. ब्राह्मी के पौधे की पत्तियों का आकार छोटा होता है.
ब्राह्मी के गुण
– ब्राह्मी बुखार को जड़ से खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
– ब्राह्मी के पौदे का सेवन करने से दिमाग की शक्ति अर्थात यादाश्त को बढ़ाया जा सकता है.
– ओईलिया, सफेद दाग, खून की कमी आदि जैसे रोगों के लिए ब्राह्मी का पौदा किसी जादुई औषधि से कम नहीं है.
– खांसी, सूजन और पित्त के लिए ब्राह्मी का पौधा बेहद उपयोगी है.
-दिल को स्वस्थ रखने के लिए ब्राह्मी का पौधा लाभकारी साबित हो सकता है.
– यदि आपका गला बैठा हुआ है या फिर गले में खराश उत्पन्न हो रही है तो ब्राह्मी का सेवन आपके काम आ सकता है.
ब्राह्मी के फायदे
वैसे तो ब्राह्मी के फायदे अनेकों हैं लेकिन बहुत से लोग इस पौधे को सही से पहचान नहीं पाते. इसलिए यह ख़ास लेख उनके लिए है जो आयुर्वेद चिकित्सा पद्दति में विश्वास रखते हैं.
नींद कम करने के लिए
बहुत से लोगों को रात में नींद पूरी होने के बाद भी दिन भर नींद या सुस्ती बनी ही रहती है. ऐसे में ब्राह्मी का उपयोग करके नींद को कम किया जा सकता है. इसके लिए आप 3 ग्राम चूर्ण को गाय के कच्चे दूध में घोंट कर छान लें और एक हफ्ते तक लगातार इसका सेवन करें.
बालों के लिए वरदान
बालों के लिए ब्राह्मी का पौधा किसी चमत्कार से कम नहीं है.100 ग्राम ब्राह्मी की जड़ को 100 ग्राम मुन्नके और 50 ग्राम शंखपुष्पी के साथ पानी में मिला कर सेवन करें इसे बालों संबंधित हर प्रकार की समस्या से छुटकारा मिल जाता है.
सीने में जलन
एसिडिटी अर्थात सीने में जलन के लिए ब्राह्मी का पौधा किसी वरदान से कम नहीं है. इसके लिए आप 5 ग्राम ब्राह्मी के साथ धनिया मिला कर रात में पानी में भिगो कर रख दें. अब इसे सुबह मिश्री के साथ मिला कर पी लें.
Comments
Post a Comment