रामेश्वरम दर्शनीय स्थल

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल

भारत खूबसूरत जगहों का भंडार है. इन्ही में से समुद्र की गोद में बसा रामेश्वरम दर्शनीय स्थल देश भर में प्रचलित है. तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले में बसा रामेश्वरम कईं सालों से एक धार्मिक तीर्थ स्थल के तौर पर जाना जाता है. कहा जाता है कि जब भगवान राम रावण को हरा कर और लंका जीत कर वापिस अयोध्या लौट रहे थे तो उन्होंने इस जगह भगवान शिव के प्रति अपनी प्रेम भावना दर्शाने के लिए मंदिर का निर्माण करवाया था. हर साल यहाँ हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. अगर आप कहीं धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे हैं तो रामेश्वरम आपके लिए सबसे उचित विकल्प साबित हो सकता है. आज हम आपको रामेश्वरम दर्शनीय स्थल के कुछ ऐसे स्थलों से रू-ब-रु करवाने जा रहे हैं, जो आपकी यात्रा को मंगलमय बना देंगे.

रामेश्वरम शहर

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल में सबसे पहले बात अगर इस शहर की करें तो सौन्दर्य के मामले में यह कईं जगहों को मात देता है. यह हिंदू धर्म के चारधामों में से एक माना गया है. यहाँ के समुद्र मेंआपको सीपें, शंख और कौड़ियाँ देखने को इलेंगी जोकि पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बनती हैं. रामेश्वरम दर्शनीय स्थल के समुद्र में सफ़ेद रंग का बडियास मूंगा मौजूद है जो इस जगह की ख़ूबसूरती को हार चाँद लगाता है.

रामनाथ स्वामी मंदिर

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल में रामनाथ स्वामी मंदिर काफी प्रसिद्ध है. यह मंदिर समुद्र तट पर स्तिथ है जोकि वास्तुकला का जीता जागता उदाहरण पेश करता है. इस मंदिर को शासकों द्वारा 12वीं शताब्दी में बनवाया गया था. यहाँ आपको कलात्मक शैलियाँ और पौराणिक मूर्तियाँ देखने को मिलेंगी जो आपको अपनी ओर आकर्षित करेंगी. इसके इलावा यहाँ एक सुंदर गलियारा भी मौजूद है जो आपको कुदरत की सुंदरता दर्शाने में मददगार साबित होगा.

बाईस कुंड

गौरतलब है कि रामेश्वरम दर्शनीय स्थल के रामनाथ मंदिर में बाईस कुंड हैं जोकि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बिंदु हैं. हालाँकि शुरुआत में यह कुंड गिनती में 24 थे लेकिन अब 2 कुण्ड सूख चुके हैं. मान्यता है कि जो भी इन कुंडों में एक बार स्नान कर लेता है, उसके हर प्रकार के पाप मिट जाते हैं और जीवन में नई खुशियों का आगमन होता है.

कोदंडाराम स्वामी मंदिर

रामेश्वरम दर्शनीय स्थल का तीसरा प्रमुख स्थलकोदंडाराम स्वामी मंदिर है. इसी स्थान पर भगवान राम विभीषण से मिले थे. बता दें कि यह मंदिर धनुष्कोटी से लगभग 8 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है. इस मंदिर के दर्शन करने के लिए हर साल लाखों सैलानी आते हैं. यदि आप भी रामेश्वरम घूमने जाएँ तो एक बार इस स्थल के दर्शन जरुर करें.

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