अजन्ता एलोरा गुफा से जुड़ा इतिहास
अजन्ता एलोरा गुफा: विश्व भर में ऐसी बहुत सी पुरानी इमारतें और रहस्यमयी जगहें मौजूद हैं, जो अपने आप में कईं राज़ दबाए हुए हैं. इन जगहों पर अक्सर पर्यटकों का तांता लगा रहता है. इन्ही में से महाराष्ट्र के औरंगाबाद में मौजूद अजन्ता एलोरा गुफा भी एक है, जिसे देखने हर साल लाखों लोग आते हैं. अजंता एलोरा की गुफाएं चित्रकारी और मूर्तियों से भरपूर नमूना है जो सदियों से सबको अपनी ओर आकर्षित किए हुए हैं. किसी भी कलाप्रेमी के लिए अजन्ता एलोरा गुफा किसी जन्नत से कम नहीं है. हरीतिमा की चादर ओढ़े इन गुफाओं की चट्टाने अपने भीतर इतिहास की गौरवगाथा बयाँ कर रही हैं.
अजंता एलोरा की गुफाएं
इस लेख में हम आपको अजन्ता एलोरा की गुफा से जुडी दिलचस्प बातें बताने जा रहे हैं. लेकिन इससे पहले हम आपको बताते चले कि अजंता एलोरा की गुफाएं महाराष्ट्र के औरंगाबाद के नज़दीक स्थित हैं. ये गुफाएं कईं छोटी और बड़ी चटटानों से मिल कर बनी हैं. इतिहासकारों के अनुसार अजंता में कुल 29 गुफाएं हैं जबकि एलोरा में 34 गुफाएं हैं जो पर्यटकों का आकर्षण केंद्र हैं. इन गुफाओं की कलाकृति को देखते हुए इन्हें वर्ल्ड हेरिटेज के रूप में संरक्षित किया गया है ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी इतिहास के इन पन्नों से जुडी रहे.
अजंता की गुफा कहा है?
अजन्ता एलोरा गुफा में से अजंता की गुफा औरंगाबाद जिले से 101 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित हैं. गौरतलब है कि अजंता कि इन 29 गुफाओं में 5 प्रार्थना भवन और लगभग 24 बोद्ध मठ मौजूद हैं. आज इन गुफाओं का ज़िक्र समाजिक शिक्षा से जुडी सभी किताबों में आता है. अजंता की गुफा की खोज एक आर्मी ऑफिसर द्वारा 1819 में की गई थी. इस ऑफिसर का नाम जॉन स्मिथ था. ऐसी मान्यता है कि उस समय जॉन शिकार खेलने निकले थे और उन्हें इन 29 गुफाओं की श्रृंखला दिखाई दी. यह गुफाएं घोड़े की नाल की आकृति में है जिसमे 200 ईसा पूर्व से लेकर 600 ईसा पूर्व तक के बौध धर्म का बखूबी चित्रण किया गया है.
गुफाओं में मौजूद सुंदर अपसराओ और राजकुमारियों की मूर्तियाँ हमारे इतिहास से रू-ब-रु करवाती हैं. असल में यह 19वीं शताब्दी की ऐसी गुफाएं हैं, जहाँ बौध भिक्षुओं की मूर्तियाँ एवं चित्रों का वेरवा मिलता है.
एलोरा की गुफा कहा हैं?
अजन्ता एलोरा गुफा में से एलोरा की गुफाएं महराष्ट्र के औरंगाबाद से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद हैं. एलोरा की गुफा 34 गुफाओं से मिल कर बनी है. दरअसल ये गुफ़ा मुख्य रूप से बेसाल्टिक पहाड़ी के किनारें बनाई गई थी. इन गुफ़ाओं में बौध, जैन और हिंदू, तीनो धर्मों से जुड़े इतिहास का पता चलता है. इन गुफ़ाओं का अस्तित्व 350 ईसा पूर्व से 700 ईसा पूर्व के बीच होंद में आया. एलोरा के दक्षिण में 12 गुफाएं बौध धर्म पर आधारित हैं जबकि 17 गुफाएं हिंदू धर्म और 5 गुफाएं जैन धर्म को दर्शाती हैं. इन गुफ़ाओं की एकाग्रता को देख के ऐसा लगता है जैसे यह हमें आज भी एकता का पाठ पढ़ा रही हों.

Comments
Post a Comment